फैशनपरस्त (जिद्दत-पसंद) मुसलमानों का कलमा:

“मेरे ख़्याल से अल्लाह के सिवा कोई ईबादत के लायक़ नहीं है, पर देखिए आप बुरा मत मानिएगा ये बस मेरा ख़्याल ही है। और आप तो जानते हीे हैं कि हम सब आज़ाद देश के आज़ाद शहरी हैं तो फिर जो दिल करे वो मानें।। पर फिर भी मुझे अपने व्यक्तिगत अनुभव से ये एहसास होता है कि अल्लाह के अलावा कोई ईबादत के लायक़ नहीं है, पर आप के भी अपने व्यक्तिगत अनुभव रहे होंगे ज़िन्दगी के, लिहाज़ा जब तक आप मुझसे खुश हैं और मेरे “विश्वास करने के अधिकार” की इज़्ज़त करते हैं तक सब बढ़िया है।। क्यूँकी मैं सोचता हूँ कि सबसे ज़्यादा ज़रूरी चीज़ तो इज़्ज़त और आज़ादी ही है और फिर आखिर धर्म इसी का तो नाम है।। और मैं दुनिया का कोई बादशाह तो हूँ नहीं की आपको बताऊँ के किस चीज़ पे ईमान लाना चाहिए। इसका ये मतलब नही की अगर मैं बादशाह होता तो ऐसी बातें बताता। आख़िर मैं होता कौन हूँ बताने वाला! और मेरे ख़्याल से असल चीज़ तो यही है के बस अच्छा इन्सान बन के रहा जाए और आख़िर में यही चीज़ मायने रखती है बस।। और मैं आशा करता हुँ की मेरे ये कहने से आपको कोई ठेस नहीं पहुंची हो की “अल्लाह के सिवा कोई ईबादत के लायक़ नहीं है”। क्यूँकी ठेस पहुंचाना ग़लत है और मैं इसके लिए माफी माँगता हूँ।।🙏

Translated by: Mohammad Arshad Warsi

Daniel Haqiqatjou

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