अल्लाह से डरो – “अवाम को डराने और अपना ग़ुलाम बनाने की धर्म के ठेकेदारों की चाल।”

हया करो और सही लिबास पहनो – “बस यूँ हीं एक पुरुषवादी मौलवियों का गढ़ा गया औरतों को दबाने का हथकंडा।”

ज़िना से इज्तेनाब करो (बचो) – “सेक्स के नाम से ख़ौफ़ खाने वाले मुल्लों की नाम निहाद लज्जा।”

पांचो वक़्त नमाज़ पढ़ो – “अवाम को काबू करने के लिए इंसानों का बनाया हुआ रिवाज।”

रिबा (सूद) मत खाओ – “मुल्लों का बनाया मनमाना नियम, ताकि वे मईषत (अर्थव्यवस्था) को कंट्रोल कर सकें।”

रमज़ान में रोज़े रखो – “एक सुझाव मात्र है। सिर्फ कट्टरपंथी ही ये समझते हैं कि भूखा प्यासा रहना रोज़ा है। रोशन-ख़याल मुसलमान तो दिल का रोज़ा रखते हैं।”

अल्लाह के नज़दीक पसंदीदा दीन सिर्फ़ और सिर्फ़ इस्लाम है – “घिनौनी क़बाएल-परस्ती, और सादा लौ ज़हन लोगों के घटिया किस्म का भेद भाव।”

हज करो- “भोले भाले आम मुसलमानों को ठगकर पैसा बनाने की सऊदी चाल।”

नशे का सेवन मत करो – “नशे की लत से बचने के लिए महज़ एक सुझाव। Social drinking (थोड़ी मात्रा में या किसी ख़ास मौक़े पर पीना) और सिगरेट वगैरा बिलकुल फ़ितरी (नेचुरल) है और इसमें कोई हर्ज नहीं अगर थोड़ी बहुत की जाये।”

अल्लाह को याद रखो – ” लोगों को धार्मिक रोबोट बनाने का, माइंड कंट्रोल का तरीक़ा।”

जहन्नम से नजात के लिए दुआ किया करो – “ऐसी कोई चीज़ नहीं। ख़ुदा मतलब ही मुहोब्बत है।”

जन्नत पाने के लिए दुआ किया करो – “दुनिया की ज़िंदगी भी जन्नत बन सकती है अगर हमारी सोंच सही हो।”

रसूलल्लाह (स०) की बताई बातों पर ग़ौर करो – “हदीसें गढ़ी गई थीं। वैसे भी इस्लाम में ख़ुदा की इबादत है, ना कि किसी इंसान की।”

अपने दिलों को पाक करो – “पाकी के पीछे ये कैसा पागलपन है?”

तौबा करो – “लोगों को अपनी ज़िन्दगी अपने अंदाज़ से बसर करने के बारे में बुरा एहसास करवाने की चाल।”

अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी की ईता’अत करो – “लोगों का दिमाग़ कुंद करने की एक और तरकीब। वैसे भी ईता’अत एक संगीन तसव्वुर है। ख़ुदा के साथ हमारा दोस्त-यार वाला रिश्ता है।”

Translation of This post
Translated by: Qaa Sim

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Posted by Daniel Haqiqatjou – Hindi on Saturday, February 4, 2017

Md Adil Hussain

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