अगर मैं कहूँ की ईसाई मिशनरी और संघी जमातें आपके बच्चे के स्कूल जा रही हैं और उन्हें इस्लाम छोड़ने और ईसाई या हिन्दू बनने पे ख़ूब उकसा रही हैं और दबाव डाल रही हैं – तो क्या आप सतर्क नही हो जाएंगे? क्या आपको गुस्सा नही आएगा और आप फिक्रमंद नही हो जाएंगे?

और अगर मैं कहूँ की ये ईसाई मिशनरी / संघ बस एक दिन के लिए नही आये थे, बल्कि वो रोज़ वहाँ मौजूद रहते हैं – लगातार आपके बच्चे पे दबाव डालते रहते हैं कि किसी तरह वह ईसाइयत / हिन्दू मत इख्तियार कर ले और इस्लाम को तर्क कर दे। क्या आप अपने बच्चे को ऐसे स्कूल में रखेंगे?

हक़ीक़त ये है कि मग़रिबी दुनिया में लगभग सारे स्कूल (और मुस्लिम दुनिया मे भी कई सारे) आपके बच्चे के दिमाग़ में ज़हर घोल रहे हैं – बस फर्क इतना है कि जो दीन थोपा जा रहा है वो ईसाइयत या हिन्दु मत नहीं बल्कि सेक्युलर-लिबरल-माद्दापरस्ती है।

अगर आपको कभी ताज्जुब हो की मुस्लिम नौजवान फ़ौज दर फ़ौज इस्लाम क्यों छोड़ रहे हैं – तो इसका बहुत सादा जवाब है। ये कोई ऐसी अजूबा चीज़ नही की जिसे कंट्रोल न किया जा सकता हो। इसकी बहुत साफ वजह है। हमें इसके लिए कुछ करना होगा – कुछ भी! – अपने बच्चों को बचाने के लिए और उन नुकसान की भरपाई के लिए जो अब तक हो चुके हैं।

Translation of This post
Translated by: Md Adil Hussain

अगर मैं कहूँ की ईसाई मिशनरी और संघी जमातें आपके बच्चे के स्कूल जा रही हैं और उन्हें इस्लाम छोड़ने और ईसाई या हिन्दू बनने…

Posted by Daniel Haqiqatjou – Hindi on Friday, January 19, 2018

Md Adil Hussain

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