यूनिवर्सिटी वालों की “इस्लाम में इस्लाह/सुधर” की काविश

यूनिवर्सिटियों के इस्लामी शोबों/डिपार्टमेंट से निकलने वाले मुस्लिम मुस्लिहीन/सुधारकों से सावधान रहें। ये ज़ेहनी तौर पे अक्सर बहुत उलझे लोग होते हैं। लेकिन ये बड़े...

शिर्क, मज़हबी आज़ादी, फिख़ और दारुल इस्लाम

कुछ लोग हमेशा की तरह मेरे पीछे पड़े हुए हैं, जिसको मैं अक्सर नज़रअंदाज़ ही करता हुँ क्योंकि ज़िद्दी लोग अपनी ग़लती नहीं मानते...

मेरे ख़यालात कुछ पसे-मंज़र

मैं कोशिश करता हुँ की इस पेज पे कोई भी ज़ाती (निजी) बात ना डालूँ, लेकिन मुझे लगता है कि अपने ख़यालात और जो...

शुबहात और दज्जाल

हमारे लिए हैरतअंगेज हदीस: रसूलल्लाह ﷺ ने फरमाया : "जो दज्जाल के मुताल्लिक़ सुने के वो ज़ाहिर हो चुका है तो वह उस्से दूर ही...

इल्हाद : अक़्ल पे मबनी या जज़्बात पे ?

मुल्हिद (नास्तिक) अक्सर ये दावा करते हैं कि लोग बुनियादी तौर पे ख़ुदा को जज़्बाती वजहों से मानते हैं, सोच समझ कर नहीं। मुल्हिद,...

संशयवादी मुस्लिम – परिभाषा

संशयवादी मुस्लिम - एक ऐसे दौर में- जहाँ चरित्रहीन, तर्कहीन और विनाशकारी कपट लोगों को इतनी विश्वासप्रद लगती हैं के वो उन मिथ्याओं को सच...

फेमिनिज़्म – लड़कियों को फसाने का आसान तरीका

"कितना मुश्किल है एक औरत को साथ सोने के लिए राज़ी करना।" "हाँ, बताओ ज़रा मुझे। पहले तुम्हे उससे शादी करनी पड़ेगी। जिसका मतलब है...

तर्जीहात

कोई देवबंदी है, या सलफ़ी है, या सूफी, या बरेलवी, इन जैसे मामूली मसलों पर,आपके यहाँ जो चीख़-पुकार और लड़ाइयां मची हैं, वह अपने...

सेक्युलर इस्लाम बनाम इस्लामी सेक्युलरिज़्म

कुछ लोग ऐसा सोचते हैं की इस्लाम को सेक्युलर बनाने की ज़रूरत है। इस्लाम को मौजूदा दौर में फिट बैठाने के लिए इसके के...

दावत में तवाज़ुन

कैसा होता गर अल्लाह क़ुरान में सिर्फ जन्नत का ज़िक्र करता और जहन्नुम की हक़ीक़त बयान न करता? कैसा होता गर नबी (स०) सिर्फ एक...